5 गलतियाँ Skin Fungal Infection को बढ़ाती हैं! कारण, लक्षण और फैलने का सच

एक छोटी गलती, बड़ा Skin Fungal Infection!

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Abstract :

आज के समय में हमारी स्किन को कई तरह की समस्याओं से सामना करना पड़ता है जैसे बढ़ता प्रदूषण, धूल-मिट्टी, पसीना और बदलता मौसम, इन्हीं समस्याओं में से एक Skin Fungal Infection भी है, जो एक सामान्य लेकिन तेजी से फैलने वाली स्किन संबंधी बीमारी है और यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है।

इसकी शुरुआत अक्सर खुजली, लाल चकत्ते, जलन, पपड़ी या गोल आकार के निशानों से होती है, लेकिन सही जानकारी नहीं होने के कारण कई लोग इसे सामान्य एलर्जी समझकर इग्नोर कर देते हैं। 5 ऐसी आम गलतियां हैं जो Skin Fungal Infection को तेजी से बढ़ा सकती हैं। इनमें लक्षणों को नजरअंदाज करना, स्किन को लंबे समय तक गीला रखना, संक्रमित तौलिया या कपड़े साझा करना, बिना सलाह के गलत क्रीम लगाना और इलाज बीच में छोड़ देना शामिल है।

इन गलतियों को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि Skin Fungal Infection आखिर होता क्या है, क्यों होता है और इसके शुरुआती लक्षण कैसे पहचानें। आइए सबसे पहले इसे विस्तार से समझते हैं। यदि डॉक्टर एंटी-फंगल क्रीम की सलाह देते हैं, तो Leebord Anti-Fungal Cream का नियमित और निर्देशानुसार उपयोग इन्फेक्शन को कण्ट्रोल या खत्म करने में मदद कर सकता है।

Skin Fungal Infection को समझना क्यों जरूरी है?

हम सभी अपनी स्किन को लेकर काफी जागरूक रहते हैं, क्योंकि सुंदरता की किताब का पहला पेज स्किन है, या हम यह भी कह सकते है कि हमारी सुंदरता और आत्मविश्वास दोनों का संबंध स्वस्थ स्किन से होता है। ऐसे में यदि स्किन पर किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन और परेशानी हो जाए, तो यह न केवल हमारी स्किन, बल्कि चिंता का कारण भी बन जाती है। इसलिए अपनी स्किन की सही देखभाल करना और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी रखना बेहद जरूरी होता है।

हम इस लेख में Skin Fungal Infection के बारे में विस्तार से जानेंगे, ताकि समय रहते किसी भी प्रकार की समस्या या Skin Fungal Infection की पहचान की जा सके और कोई भी छोटी-सी लापरवाही के कारण किसी बड़ी परेशानी का सामना न करने पड़े।

बता दें कि Skin Fungal Infection एक सामान्य लेकिन तेजी से फैलने वाला इन्फेक्शन है, जो फंगस के कारण होता है। यह समस्या बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों मतलब किसी भी उम्र के व्यक्ति को में देखने को मिल सकती है। Skin Fungal Infection के शुरुआती लक्षणों में जैसे खुजली, लाल चकत्ते, गोल आकार के निशान, स्किन का छिलना या जलन दिखाई देते है। कई लोग इन लक्षणों को सामान्य खुजली या एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या बिना सलाह के कोई भी क्रीम लगाने लगते हैं।

यही छोटी सी गलती कुछ समय के बाद बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है, इसलिए समय रहते सही पहचान और उचित उपचार किया जाना बेहद जरुरी है, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, Ringworm (Tinea) एक सामान्य फंगल संक्रमण है जो त्वचा, बालों और नाखूनों को प्रभावित कर सकता है। यह दुनिया भर में लोगों को प्रभावित करने वाली आम त्वचा संबंधी समस्याओं में से एक है और उचित एंटीफंगल उपचार के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।”

Skin Fungal Infection क्या है?

what is Skin Fungal Infection

Fungus क्या होता है?

फंगस को यदि एक आसान भाषा में समझे तो यह एक प्रकार का Microorganism होता है, जो वातावरण में हर जगह पाया जाता है। यह मिट्टी, हवा, पानी, पौधों, जानवरों और यहां तक कि हमारी स्किन पर भी मौजूद होता है।

अधिकांश टाइम वह नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन यदि गर्मी, नमी और पसीना ज्यादातर हो रहा है तो ऐसे में यह तेजी से बढ़ने लगते हैं और स्किन पर इन्फेक्शन दिखाई देता है इसे ही बोलचाल की भाषा में त्वचा का फंगल इन्फेक्शन कहते हैं।

Skin Fungal Infection कैसे शुरू होता है?

सबसे अहम सवाल यह है की स्किन का इतना ख्याल रखने के बावजूद भी यह स्किन पर प्रभाव कैसे डालता है, तो जवाब है कि अधिक पसीना, लंबे समय तक स्किन का गीला रहना, तंग कपड़े पहनना, व्यक्तिगत साफ सफाई की कमी या इन्फेक्टेड व्यक्ति के सम्पर्क में आना यही सब कारण है जिनसे फंगस का बढ़ना अधिकतर देखा गया है। इसमें शुरुआत में हल्की खुजली, लाल चकत्ते या गोल आकार के दाने दिखाई दे सकते हैं, जो समय के साथ फैलने लगते हैं।

Fungus के कारण या कहे कि जो इसके लिए जिम्मेदार होते हैं?

  • डर्माटोफाइट्स: दाद , Athlete’s Foot और Jock Itch जैसे इन्फेक्शन का सबसे सामान्य कारण है।
  • कैंडिडा: स्किन की सिलवटों जैसे बगल, कमर, स्तनों के नीचे और नम जगहों पर इस इन्फेक्शन की सम्भावना ज्यादा होती है।
  • मलेसेज़िया: यह फंगस Pityriasis Versicolor जैसे इन्फेक्शन के कारण होता है, इसमें स्किन पर सफेद या भूरे रंग के धब्बे दिखाई देने लगते हैं।

फंगल इन्फेक्शन का प्रकार कारण  शरीर का प्रभावित भाग लक्षण

फंगल इन्फेक्शन का प्रकार मुख्य कारण   शरीर का प्रभावित भाग लक्षण
Ringworm Dermatophytes हाथ, पैर, गर्दन, कमर, शरीर के अन्य भाग गोल लाल चकत्ते, तेज खुजली, स्किन का छिलना
Athlete’s Foot  Dermatophytes पैरों की उंगलियों के बीच और तलवे खुजली, जलन, स्किन फटना, बदबू
Jock Itch  Dermatophytes जांघों के बीच, ग्रोइन (Groin) क्षेत्र लाल चकत्ते, तेज खुजली, जलन
Candidiasis  Candida बगल, स्तनों के नीचे, कमर, त्वचा की सिलवटें लालपन, जलन, नमी, सफेद परत या दाने
Pityriasis Versicolor  Malassezia गर्दन, छाती, पीठ, कंधे सफेद, भूरे या हल्के रंग के धब्बे, हल्की खुजली

Superficial और Deep Fungal Infection में अंतर

Superficial Fungal Infection  Deep Fungal Infection 
यह त्वचा, बाल और नाखून की बाहरी परत को प्रभावित करता है। यह त्वचा की गहरी परतों, ऊतकों और कुछ मामलों में आंतरिक अंगों तक फैल सकता है।
यह सबसे सामान्य प्रकार का फंगल इन्फेक्शन है। यह अपेक्षाकृत दुर्लभ लेकिन अधिक गंभीर हो सकता है।
इसका उपचार आमतौर पर आसान होता है। इसका उपचार जटिल होता है और अधिक समय लग सकता है।
दाद (Ringworm), Athlete’s Foot और Nail Fungus इसके सामान्य उदाहरण हैं। यह अधिकतर कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Low Immunity) वाले लोगों में देखा जाता है।
अधिकांश मामलों में एंटीफंगल क्रीम या दवाओं से ठीक हो जाता है। इसके उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी और विशेष एंटीफंगल दवाओं की आवश्यकता होती है।

क्या हर Skin Infection फंगल होता है?

आपको बता दें कि सभी Skin Infection फंगल नहीं होते है। स्किन में इन्फेक्शन कई प्रकार के रोगाणुओं के कारण हो सकता है

  • Bacterial Infection: बैक्टीरिया के कारण होने वाले इन्फेक्शन जैसे फॉलिकुलिटिस या सेल्युलाइटिस ज्यादातर देखे गए है।
  • Viral Infection: वायरस के कारण होने वाले रोग जैसे मरुअ, हर्पीज या चिकनपॉक्स इस श्रेणी के रोग होते है।
  • Parasitic Infection: परजीवियों के कारण होने वाली बीमारियां जैसे स्केबीज।
  • Non-infectious Conditions: कई बार स्किन की बीमारियां बिना किसी कीटाणु के भी होती हैं, जैसे एक्जिमा या सोरायसिस, जो फंगल इन्फेक्शन जैसे दिखाई देते है लेकिन रियल में यह इन्फेक्शन नहीं होतीं। तो सही पहचान करके Dermatologist से सलाह लेना बेहतर विकल्प होता है।

Skin पर Fungus क्यों बढ़ने लगता है?

स्किन पर फंगस होने के कई कारण होते है लेकिन इसमें प्रमुख कारण गर्मी, नमी और पसीना होता है साथ ही फंगस हमारे वातावरण और हमारी स्किन पर नेचुरल रूप से मौजूद होते हैं, लेकिन जब उन्हें सही माहौल मिलता है, तो उनकी संख्या बढ़ती चली जाती और वह इन्फेक्शन का रूप ले लेते हैं।

पर्यावरणीय और शारीरिक कारण में सबसे ज्यादा नमी जैसे जांघों के बीच, बगल, या पैरों की उंगलियां उन पर फंगस बहुत तेजी से पनपता है। गर्म और उमस भरा मौसम फंगस को बढ़ाने में अत्यधिक काम करता है क्योंकि मानसून या गर्मियों के मौसम में हवा में आर्द्रता बढ़ने के कारण इन्फेक्शन के मामले तेजी से बढ़ते हुए नजर आते है। टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनना भी इनका प्रमुख कारण है, टाइट जींस या सिंथेटिक कपड़े पहनने से हवा का वेंटिलेशन रुक जाता है, जिससे स्किन गीली रहती है और फंगस बढ़ने की संभावनाएं होती है।

आंतरिक स्वास्थ्य और बीमारियां

  • कमजोर इम्यूनिटी सिस्टम : यदि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, तो शरीर में फंगस को बढ़ने का आसानी से रास्ता मिल जाता है।
  • डायबिटीज : शुगर का लेवल शरीर में बढ़ने से स्किन पर मौजूद फंगस को पोषण मिल जाता है है, जिससे उनका प्रसार तेजी से बढ़ता है।
  • एंटीबायोटिक्स का अधिक उपयोग: जब हम कभी लगातार लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाएं लेते है तो शरीर के अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, ऐसे में फंगस कंट्रोल में नहीं रहते हैं और वह आसानी से पनप जाते है।

साफ सफाई और संपर्क से जुड़े कारण

जब कभी इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आ जाते है तो फंगल इन्फेक्शन होना आम बात है क्योंकि यह एक संक्रामक बीमारी है, जो किसी भी इन्फेक्टेड व्यक्ति की स्किन, उसके तौलिये, कपड़े या कंघी का इस्तेमाल करने से फैल जाता है, साथ ही गीले जूते-मोजे पहने रखने से भी यह पैरों में ‘एथलीट फुट’ नामक फंगस के रूप में बढ़ जाता है।

गर्मी और नमी इसका जोखिम क्यों बढ़ाती है?

गर्मी और नमी फंगस के बढ़ाने के लिए के लिए वातावरण प्रदान करने का काम करती हैं-

  1. पसीने का न सूखना: जब अधिक ह्यूमिडिटी के कारण हवा में पहले से ही पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इस वजह से स्किन पर आने वाला पसीना हवा में सूखता नहीं है और स्किन लंबे समय तक गीली रहती है।
  2. स्किन बैरियर का कमजोर होना: स्किन के लगातार गीले रहने से स्किन की बाहरी सुरक्षात्मक लेयर जो स्किन को प्रोटेक्ट करती है नरम और कमजोर पड़ जाती है, जिसके कारण फंगस आसानी से कमजोर स्किन में प्रवेश कर जाते हैं।
  3. फंगस के लिए आदर्श तापमान: फंगस सबसे ज्यादा गर्म और नम वातावरण में पनपते है, क्योंकि गर्मी और उमस मिलकर उसे सही वातावरण प्रदान करते है।
  4. स्किन फोल्ड्स में हवा न पहुंचना: हमारे शरीर के जोड़ों और मोड़ों जैसे जांघों के बीच, बगल, स्तनों के नीचे में हवा का सर्कुलेशन कम होता है, वहां गर्मी और पसीना फंस जाने से फंगस मिनटों में कई गुना बढ़ जाता है।

सरल शब्दों में समझे तो शरीर में गर्मी पसीना पैदा करती है और नमी उस पसीने को सूखने नहीं देती, जिससे त्वचा फंगस की नर्सरी बन जाती है।

क्या ज्यादा पसीना आने से Infection हो सकता है?

हां, सरल शब्दों में कहे तो ज्यादा पसीना ही इन्फेक्शन को निमंत्रण देता है है, पसीना स्किन पर नमी या गीलापन बनाए रखता है, जो फंगस और कीटाणुओं को पैदा होने और बढ़ने के लिए सबसे बढ़िया माहौल देता है साथ ही लगातार पसीने में भीगे रहने से स्किन नरम और कमजोर हो जाती है।

जिससे कीटाणु आसानी से स्किन के अंदर घुस जाते हैं जिससे स्किन के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, और हमे जिससे घमौरियां और लाल दाने निकलने लगते हैं, पसीने की वजह से जब स्किन आपस में रगड़ खाती है जैसे जांघों या बगल में तो वहां की स्किन छिल जाती है और इन्फेक्शन तुरंत पकड़ लेता है मतलब सीधी बात है कि पसीना अगर स्किन पर ज्यादा देर तक जमा रहेगा, तो वह खुजली, दाद या दानों का कारण बनता है और इन्फेक्शन होने की वजह देता है।

कमजोर Immunity का इसमें क्या रोल है?

आपको बता दे कि फंगस हमारी स्किन पर हमेशा मौजूद रहता है, लेकिन हमारी इम्यून सिस्टम उसे एक सीमा में रखती है और नुकसान नहीं पहुंचाने देती। लेकिन जब हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, तो फंगस को फैलने का मौका मिल जाता है। वह स्किन की बाहरी लेयर को तोड़कर अंदर तक फैल जाता है।

यही से इन्फेक्शन की शुरुआत होती है, क्योंकि कमजोर इम्यून सिस्टम होने के कारण यह डिफेंस नहीं कर पाती और फंगस बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाता है, जिससे स्किन पर लाल चकत्ते, दाद और तेज खुजली शुरू हो जाती है। यानी कमजोर इम्यून सिस्टम फंगस को रोकने में असमर्थ होती है और वह रोकथाम दीवार को गिरा देती है जिससे फंगस आसानी से स्किन पर फैल जाता है।

Diabetes वाले लोगों में यह अधिक क्यों होता है?

हमारे शरीर में फंगस को बढ़ने के लिए चीनी मतलब ग्लूकोज़ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। जिन भी लोगो में डायबिटीज होता है उनमें पसीने और स्किन की नमी के कारण शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे खाकर फंगस बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाता है। साथ ही खून में ज्यादा शुगर होने के कारण शरीर की सफेद रक्त कोशिकाएं सुस्त हो जाती हैं।

इनका काम फंगस को ढूंढकर मारना होता है, लेकिन डायबिटीज में ये फंगस पर हमला नहीं कर पातीं। American Academy of Dermatology के अनुसार, डायबिटीज और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में त्वचा के फंगल संक्रमण का खतरा अधिक होता है। डायबिटीज के कारण पैरों और हाथों की स्किन अक्सर बहुत ज्यादा रूखी दिखाई देने लगती है और उसमें बारीक दरारें पड़ जाती हैं।

क्या Antibiotics का लंबे समय तक सेवन इन्फेक्शन कारण बन सकता है?

जी हां, यदि Antibiotics का लंबे समय तक सेवन किया जाता है तो यह फंगल इन्फेक्शन का एक बहुत बड़ा कारण बनता है, इसे आसान शब्दों में हम एक उदाहरण के द्वारा समझते है जैसे अच्छे बैक्टीरिया हमारे शरीर और स्किन दोनों के लिए सुरक्षा कवच होते है लेकिन एंटीबायोटिक दवाइयां इन बैक्टीरिया पर असर डालकर उन्हें खत्म कर देती है, जबकि अच्छे बैक्टीरिया हमारे दोस्त होते हैं जो फंगस को बढ़ने नहीं देते और उसे कंट्रोल में रखते हैं।

साथ ही अच्छे बैक्टीरिया के मरते ही फंगस को रोकने वाला कोई नहीं बचता, मुकाबला खत्म होने के कारण फंगस को खुली जगह मिल जाती है और वह तेजी से बढ़कर इन्फेक्शन जैसे कैंडिडा या यीस्ट इन्फेक्शन पैदा कर देता है, यदि सरल शब्दों में कहा जाए तो एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरिया को मार देती हैं, लेकिन फंगस पर इनका कोई असर नहीं होता, नतीजतन, फंगस को स्किन पर बिना किसी रुकावट के फैलने का पूरा मौका मिल जाता है।

Skin Fungal Infection कैसे फैलता है?

यह बहुत संक्रामक है क्योंकि इन्फेक्टेड स्किन को छूने या मरीज का तौलिया और कपड़े इस्तेमाल करने से फंगस के कीटाणु तुरंत दूसरे व्यक्ति की स्किन पर चिपककर बढ़ने लगते हैं। जैसे कीटाणुओं का ट्रांसफर इसमें फंगस के बारीक बीजाणु मरीज की स्किन , कपड़ों और तौलिये पर मौजूद रहते हैं, जो छूते ही आसानी से ट्रांसफर हो जाते हैं।

साथ ही कमजोर स्किन पर हमला कर देते है जिससे फंगस किसी दूसरे व्यक्ति की स्किन पर पहुंचता है और उसे अपने अनुरूप वातावरण जैसे पसीना या नमी मिलती है, तो वह आसानी से फैलने लगता है।

क्या हाथ मिलाने से फैल सकता है?

अधिकांश स्किन फंगल इन्फेक्शन हाथ मिलाने से फैलते है, लेकिन शर्त यह है कि इंफेक्टड व्यक्ति के हाथों की स्किन पर फंगल इन्फेक्शन मौजूद हो। क्योंकि अगर सामने वाले व्यक्ति की हथेलियों या उंगलियों में फंगस जैसे दाद या रिंगवॉर्म है, तो हाथ मिलाते ही उसके ऐसे कीटाणु जो हमे दिखाई नहीं देते परन्तु वह कीटाणु हमारी स्किन में प्रवेश कर जाते है और इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।

क्या Towels, कपड़े या Bedsheet साझा करने से फैलता है?

NHS के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या तौलिया, कपड़े जैसी व्यक्तिगत वस्तुएँ साझा करने से संक्रमण फैल सकता है। जब किसी इन्फेक्टेड वस्तु जैसे तौलिया, कपड़े या बेडशीट को किसी से शेयर करते है तो फंगल इन्फेक्शन तेजी से फैलता है।

इसके फैलने की वजह बहुत सिंपल है जब इन्फेक्टेड व्यक्ति की स्किन के संपर्क में आने से फंगस के बारीक कीटाणु कपड़ों और बेडशीट के धागों में फंस जाते हैं और वहाँ कई दिनों तक जिंदा रहते हैं, जब गीला तौलिया या पसीने वाले कपड़े इस्तेमाल किए जाते है तो फंगस के कीटाणु स्वस्थ व्यक्ति की स्किन पर चिपक जाते हैं और पसीना मिलते ही इन्फेक्शन पैदा कर देते हैं।

क्या Gym, Swimming Pool , Public Washroom और Pets से Infection हो सकता है?

जिम, पूल और वॉशरूम जैसे जगहों का फर्श और मशीनें हमेशा नम और पसीने से भीगी होती हैं। यहाँ नंगे पैर चलने या उपकरणों को बिना साफ किए छूने से फंगस आपके पैरों और हाथों में चिपक जाता है। वही पालतू जानवर जैसे कुत्ता-बिल्ली जैसे जानवरों में दाद होना आम है। जब आप उन्हें सहलाते हैं या उनके साथ सोते हैं, तो फंगस उनकी स्किन से सीधे आपके शरीर पर आ जाता है।

Skin Fungal Infection में सबसे ज्यादा दिखने वाले लक्षण

किसी भी प्रकार के स्किन फंगल इन्फेक्शन में सबसे पहले प्रभावित हिस्से में तेज खुजली, रेडनेस और स्किन का छिलना या पपड़ीदार होना दिखाई देता हैं। और सबसे बड़ी बात कि यह इन्फेक्शन शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन ज्यादातर पसीने और नमी वाले अंगों जैसे जांघों के बीच, उंगलियों के बीच और बगल में यह अधिक देखा जाता है।

  1. तेज खुजली और जलन: शरीर के जिस भी हिस्से पर यह होता है प्रभावित हिस्से पर हर समय तेज खुजली होने लगती है और कभी-कभी सुई चुभने जैसी जलन महसूस होती है।
  2. लाल या गहरे रंग के चकत्ते: गोरी स्किन पर यह इन्फेक्शन लाल रंग के धब्बों जैसा दिखाई देता है, जबकि डार्क स्किन टोन पर यह भूरे या गहरे रंग का दिखाई दे सकता है।
  3. गोलाकार दाद :सबसे ज्यादा होने वाला स्किन इन्फेक्शन है जिसमें स्किन पर गोल आकार के रैशेज बनते हैं, जिनकी बाहरी बाउंड्री उभरी हुई और लाल होती है, जबकि बीच का हिस्सा सामान्य स्किन जैसा दिखाई देता है।
  4. स्किन का फटना या पपड़ीदार होना: इन्फेक्टेड जगह की स्किन रूखी होकर पपड़ी की तरह छूटने लगती है या फिर उसमें दरारें पड़ जाती हैं।
  5. छोटे दाने या छाले: गंभीर इन्फेक्शन होने पर प्रभावित हिस्से की किनारों पर छोटे-छोटे पानी या मवाद से भरे दाने निकल सकते हैं।

स्किन के सफेद और नम होने का मतलब है कि उंगलियों के बीच या स्किन की लेयर्स में इन्फेक्शन है क्योंकि ऐसे में स्किन सफेद, ढीली और सड़ने जैसी नम हो जाती है। साथ ही पैरों के तलवों और उंगलियों में इन्फेक्शन होने पर उंगलियों के बीच की स्किन फटने लगती है, जिससे चलने में दर्द होने लगता है।

कभी कभी यह इन्फेक्शन नाख़ून में भी हो जाता है जिससे नाखून पीले, सफेद या भूरे होकर मोटे हो जाते हैं और आसानी से टूटने लगते हैं। वही यदि सिर में जगह-जगह से बाल झड़ने लगते हैं और वहां पपड़ीदार पैच बन जाते हैं तो समझ लीजिये की फंगल इन्फेक्शन सिर में हो गया है।

Skin Fungal Infection में खुजली क्यों होती है?

अधिकांश फंगल इन्फेक्शन में खुजली होने के 2 सबसे प्रमुख कारण होते हैं

  • स्किन का सूखापन: जब कभी शरीर में पानी की कमी या मौसम के कारण स्किन रूखी हो जाती है तो उसमे खुजली होने लगती है।
  • एलर्जी या इन्फेक्शन: सुबह से लेकर शाम तक हमारा शरीर धूल-मिट्टी में रहता है जिसके कारण भी हमे इन्फेक्शन हो जाता है साथ ही, कीड़े के काटने या किसी गलत साबुन-क्रीम के यूज़ करने से भी स्किन में जलन होने लगती है, मतलब जब स्किन को कोई चीज़ नुकसान पहुँचाती है, तो हमारी नसों के द्वारा दिमाग को पता चल जाता है और हमें खुजली महसूस होती है।

स्किन पर लाल और गोल निशान क्यों बनते है इसका कारण

Skin Fungal Infection Symptoms

  • दाद : यह ज्यादातर होने वाले फंगल इन्फेक्शन में से एक है, इसमें स्किन पर एक गोल छल्ला बनता हुआ दिखाई देता है, जिसमें स्किन पर लाल व उभरे हुए गोल आकर के चकत्ते में तेज खुजली होती है।
  • एक्जिमा: इसमें स्किन पर सिक्के के आकार के गोल, सूखे और लाल निशान बनते हैं, यह अक्सर स्किन के अत्यधिक रूखेपन या एलर्जी के कारण होता है।
  • कीड़े का काटना या एलर्जी: मच्छर, पिस्सू या किसी अन्य कीड़े के काटने पर भी स्किन पर गोल और लाल चकत्ते उभर आते हैं।

स्किन पर पपड़ी बनने के 3 सबसे ज्यादा देखने जाने वाले हैं-

  • गंभीर सूखापन: शरीर में पानी की कमी या ठंड से स्किन में नमी खत्म होना और उसका धीरे धीरे झड़ना।
  • सोरायसिस/एक्जिमा: जब कभी एक्जिमा और सोरायसिस होने लगता है तो स्किन की कोशिकायें बहुत तेजी से बढ़ने लगती है और उनमें सूजन आने लगती है।
  • घाव का सूखना: कोई भी चोट या इन्फेक्शन के ठीक होने पर ऊपर कड़क लेयर बन जाती है। यदि हम सरल शब्दों में समझने की कोशिश करें तो जब स्किन की डेड सेल्स सूखकर बाहर निकलती हैं, तो पपड़ी बनती है।

Skin Fungal Infection में जलन और दर्द भी हो सकता है?

अधिकांश Skin Fungal Infection में खुजली और पपड़ी के साथ जलन और दर्द होता है, जैसे –

  • स्किन का फटना: अत्यधिक स्किन के सूखे और खुजली लगातार करने से स्किन की ऊपरी लेयर टूट जाती है, और अंदर से संवेदनशील नसें खुल जाती हैं, जिससे तेज जलन और दर्द होने लगता है।
  • गंभीर इन्फेक्शन: फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन जब स्किन की गहराई तक फैल जाता है, तो वहां सूजन आ जाती है, साथ ही स्किन में दर्द और जलन होने लगती है।
  • नसों की समस्या : कुछ बीमारियों के वायरस नसों पर हमला कर देते है, जिससे स्किन पर दानों के साथ बहुत तेज, चुभने वाली जलन और बहुत असहनीय दर्द भी महसूस होने लगता है. यानी जब स्किन का सुरक्षा कवच ही डैमेज हो जाता है, तो जलन और दर्द होना नॉर्मल बात है।

समस्या से पहले सावधानी

जब कभी भी फंगल इन्फेक्शन हो तो यह अत्यधिक गंभीर भी हो जाता है लेकिन इसके प्रारम्भिक लक्षण जानना और समझना जरुरी है क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही कोई बड़ी समस्या को जन्म दे सकती है इन्फेक्शन गंभीर हो रहा है, यह पहचानने के 4 सबसे सरल लक्षण हैं-

  1. तेज बुखार: स्किन की समस्या के साथ बुखार या ठंड महसूस होना।
  2. असहनीय दर्द व सूजन: एक ऐसा दर्द जो हमारी सहन कैपेसिटी से बाहर हो साथ ही प्रभावित जगह का बहुत ज्यादा सूजना और छूने पर तेज दर्द होना।
  3. तेजी से फैलना: लाल निशान या लाली का बहुत तेजी से आगे बढ़ना।
  4. बदबूदार मवाद: घाव से पीला, हरा या बदबूदार पानी निकलना।

यदि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दे जैसे बुखार आ जाना या दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाना, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

क्या करें  क्या न करें 
रोज़ नहाएँ। गीले कपड़े लंबे समय तक न पहनें।
स्किन को हमेशा साफ और सूखा रखें। तौलिया, कपड़े या अन्य व्यक्तिगत सामान शेयर न करें।
सूती (Cotton) कपड़े पहनें। टाइट या सिंथेटिक कपड़े न पहनें।
जूते और मोज़े रोज़ बदलें तथा साफ रखें। गीले जूते या मोज़े लंबे समय तक न पहनें।
अपना तौलिया, कंघी और अन्य व्यक्तिगत सामान अलग रखें। संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, कपड़े या अन्य सामान उपयोग न करें।
यदि डायबिटीज है, तो ब्लड शुगर नियंत्रित रखें। खुजली होने पर प्रभावित जगह को बार-बार न खुजलाएँ।

Skin Fungal Infection का इलाज

हर फंगल इन्फेक्शन में केवल क्रीम ही लगाने से इन्फेक्शन ठीक नहीं होता है। अगर इन्फेक्शन शुरुआती अवस्था में है और केवल स्किन की ऊपरी लेयर पर ही है, तो डॉक्टर एंटी-फंगल क्रीम लगाने की सलाह देते हैं। ऐसे मामलों में Leebord Anti-Fungal Cream इन्फेक्शन को कण्ट्रोल करने में मदद कर सकती है। लेकिन यदि इन्फेक्शन ज्यादा फैल चुका हो या बार-बार हो रहा हो, तो डॉक्टर की सलाह लेना सही रहता हैं।

Skin Fungal Infection का इलाज कितने दिन चलता है?

फंगल इन्फेक्शन का इलाज इन्फेक्शन की गंभीरता पर डिपेंड करता है। अगर आमतौर पर देखा जाये तो इलाज 2 से 4 सप्ताह तक चल सकता है, जबकि कुछ गंभीर मामलों में इससे अधिक समय भी लग सकता है। लेकिन यदि आप Leebord Anti-Fungal Cream का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे डॉक्टर द्वारा बताई गई पूरी अवधि तक नियमित रूप से लगाएं और निर्देशानुसार ही यूज़ करें।

Leebord Anti-Fungal Cream

क्या खुजली खत्म होने पर दवा बंद कर सकते हैं?

बिल्कुल भी नहीं क्योंकि खुजली कम होने का मतलब यह नहीं है कि फंगस पूरी तरह खत्म हो गया या गायब हो गया है। किसी भी बीमारी को पूरी तरह खत्म होने में समय लगता है, तो बीच में क्रीम बंद करने से इन्फेक्शन दोबारा हो सकता है। इसलिए Leebord Anti-Fungal Cream या कोई भी एंटी-फंगल क्रीम डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा कोर्स करके ही बंद करें।

अधूरा इलाज करने से क्या नुकसान हो सकता है?

हम सभी कही न कही जानते है की अधूरी चीजे हमेशा खतरनाक साबित होती है अगर इलाज बीच में छोड़ दिया जाए, या अधूरा छोड़ दिया जाये तो फंगस दोबारा तेजी से फैल सकता है और इलाज में पहले से ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए इन्फेक्शन पूरी तरह खत्म करने के लिए दवा का पूरा कोर्स लेना जरूरी होता है।

इसलिए सही साफ-सफाई रखने और Leebord Anti-Fungal Cream का नियमित व सही तरीके से उपयोग करने से इन्फेक्शन के दोबारा होने का खतरा कम किया जा सकता है।

Conclusion

इस आर्टिकल के माध्यम से हम समझ सकते है कि Skin Fungal Infection एक सामान्य समस्या जरूर है, लेकिन इसे हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए, यदि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए और सही इलाज शुरू कर दिया जाए, तो हम इन्फेक्शन को कण्ट्रोल कर सकते है या बढ़ने से रोका जा सकता है।

साथ ही फंगल इन्फेक्शन की शुरुआत अक्सर हल्की खुजली, लाल चकत्ते या जलन से होती है। यदि इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण आपको दिखाई दे रहा है या महसूस हो रहा है तो बिना देर किये इलाज लेना शुरू किया जा सकता है और इन्फेक्शन को शरीर के अन्य हिस्सों तक फैलने के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

फंगल इन्फेक्शन में सबसे जरुरी बात है सही समय पर पहचान और सही इलाज इसलिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा और एंटी-फंगल क्रीम का पूरा कोर्स लेना जरूरी होता है। Leebord Anti-Fungal Cream इसका अच्छा उपाय हो सकती है जो स्किन फंगल इन्फेक्शन के दर्द खुजली से राहत दे सकती है।

लेकिन डॉक्टर के सलाह अनुसार ही उपचार लें और नियमित और सही तरीके से उपचार लेना आवश्यक है ताकि आप अपनी स्किन की परेशानी को जड़ से खत्म कर सकें वही बीच में इलाज बंद नहीं करना चाहिए।

Medical Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य शैक्षणिक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रदान की गई है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। Skin Fungal Infection के लक्षण, कारण और उपचार व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

यदि आपको लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन, दर्द, सूजन, मवाद, बुखार या फंगल इन्फेक्शन से संबंधित कोई भी गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य Dermatologist से परामर्श अवश्य लें। किसी भी एंटी-फंगल क्रीम, दवा या उपचार का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह या उत्पाद के निर्देशों के अनुसार ही करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या Skin Fungal Infection अपने आप ठीक हो जाता है?
नहीं, सही इलाज के बिना यह पूरी तरह ठीक नहीं होता।

2. क्या फंगल इन्फेक्शन फैलता है?

हाँ, यह संपर्क और संक्रमित सामान साझा करने से फैल सकता है।

3. क्या केवल क्रीम से इलाज हो जाता है?

हल्के मामलों में हाँ, लेकिन गंभीर संक्रमण में डॉक्टर ओरल दवा भी दे सकते हैं।

4. क्या खुजली खत्म होने पर दवा बंद कर सकते हैं?

नहीं, डॉक्टर द्वारा बताया गया पूरा कोर्स पूरा करें।

5. फंगल इन्फेक्शन बार-बार क्यों होता है?

अधूरा इलाज, अधिक पसीना, कमजोर इम्यूनिटी और खराब साफ-सफाई इसके मुख्य कारण हैं।

6. क्या घरेलू उपाय फंगल इन्फेक्शन ठीक कर सकते हैं?

नहीं, वे केवल अस्थायी राहत दे सकते हैं।

7. किन लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है?

डायबिटीज, कमजोर इम्यूनिटी और अधिक पसीना आने वाले लोगों में।

8. क्या बच्चों को भी फंगल इन्फेक्शन हो सकता है?

हाँ, यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।

9. फंगल इन्फेक्शन से बचाव कैसे करें?

त्वचा को साफ और सूखा रखें तथा व्यक्तिगत सामान साझा न करें।

10. डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

यदि संक्रमण बढ़ रहा हो, बार-बार हो रहा हो या इलाज के बाद भी ठीक न हो।

 

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