किडनी की पथरी में क्या खाएं और क्या नहीं? कहीं आप भी गलत परहेज तो नहीं कर रहे?

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Abstract

टमाटर मत खाओ, पालक से दूर रहो, किडनी में पथरी है तो दूध बंद कर दो। ऐसी बाते आपके सुनने में भी बहुत आती होगी। आपको पथरी होती है तो अलग-अलग लोग कई प्रकार की सलाह देते है। लेकिन क्या ये परहेज हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है ? बिना सही जानकरी के कई चीज़े खाना छोड़ना हमारे भोजन का संतुलन बिगड़ देता है। 

हमारी किडनी में सभी व्यक्तियों को अलग-अलग प्रकार की पथरी होती है। इसके लिए क्या खाना चाहिए और किस चीज़ की मात्रा कम करनी चाहिए, यह पथरी के types, test report और आपकी स्वास्थ्य स्थिती पर निर्भर करता है। कैल्शियम वाली पथरी होने का मतलब भी यह नहीं कि दूध-दही पूरी तरह बंद करना पड़े। आज हम इस आर्टिकल में जानेगे कि किडनी की पथरी में पानी, नमक, कैल्शियम और प्रोटीन का क्या महत्व है। साथ ही हम समझेंगे की किन खाद्य पदार्थो को सीमित करना पड़ सकता है, कौन-से परहेज बिना वजह किए जाते है और कब केवल खानपान बदलने के बजाय चिकित्सा उपचार जरूरी होते है।  

Introduction 

किडनी की पथरी हो जाने पर हमें आपने खाने की variety पर बहुत focus देना पड़ता है। जिन चीज़ो को आप वर्षो से खाते आये है उनका सेवन बंद कर देते है। सोशल मीडिया, परिवार, मित्रो से सलाह आने के कारण यह जानना बहुत जरूरी होता है कि क्या खाना चाहिए, भ्रमित करने वाला हो सकता है। किडनी की पथरी का निदान अक्सर आपकी थाली से बदला जा सकता है। आप दूध पीना बंद कर सकते है, टमाटर  निकाल सकते है या उन खाद्य पदार्थो से बच सकते है। जिन्हे आप वर्षो से खाते आए है। परिवार, मित्रो और सोशल मीडिया से सलाह आने के कारण, यह जानना कि क्या खाना चाहिए, भ्रमित करने वाला हो सकता है। 

हम समझेंगे की पथरी कितनी प्रकार की हो सकती है , आहार केसा होना चाहिए। जो आपके शरीर को आवश्यक तत्व प्रदान करे, साथ ही भविष्य में पथरी बनने के जोखिम को कम करने में मदद करे। यह समझना कि कौन-से परिवर्तन महत्वपूर्णं है और कौनसी पाबंदियां अनावश्यक है। 

1. किडनी की पथरी (Stone) क्या होती और कैसे बनती? 

किडनी की पथरी कठोर जमाव होते है, जो तब विकसित होते है जब मूत्र में मौजूद कुछ पदार्थ crystal बनाकर आपस में चिपक जाते है। इनका आकर, रूप और संरचना अलग-अलग हो सकती है। कुछ stone रेत के एक कण जितनी छोटी होती है, जबकि कुछ बड़ी हो जाती है। किडनी में पथरी बनने की चिकित्सीय संज्ञा नेफ्रोलिथियसिस है। 

आपकी kidney आपके रक्त से अपशिष्ट और अतिरिक्त पानी को छानकर urine बनाती है। urine में स्वाभाविक रूप से घुले हुए खनिज और अन्य पदार्थ होते है। ये सामान्यत: बिना किसी समस्या के शरीर से बाहर निकल जाते है। हालाँकि, उनकी सांद्रता और संतुलन में परिवर्तन ऐसी परिस्थितिया पैदा कर सकते है, जिनमे पथरी विकसित हो सकती है। 

Crystal Stone में कैसे बदलते है? 

कैल्शियम, ओक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे पदार्थ क्रिस्टल बनने में योगदान कर सकते है। जब मूत्र में कुछ पदार्थो की मात्रा बहुत अधिक होती है या उन्हें घुले हुए रखने के लिए तरल बहुत कम होता है, तो क्रिस्टल बन सकते है। ये क्रिस्टल आपस में जुड़कर एक पथरी का रूप ले सकते है और बड़े हो सकते है। मूत्र की अम्लता भी महत्वपूर्ण होती है। अलग-अलग पदार्थ विभिन्न परिस्थितियो में क्रिस्टल बनाते है, जिससे यह समझने में हमें मदद मिलती है कि किडनी स्टोन की संरचना अलग-अलग क्यों होती है। 

मूत्र में क्रिस्टल मिलना अपने-आप किडनी स्टोन की पुष्टि नहीं करता। डॉक्टर यूरिन के निष्कर्षो की व्याख्या लक्षणों, चिकित्सीय इतिहास और जरूरत पड़ने पर इमेजिंग के साथ करते है। पथरी बनना कई कारको से जुडी एक प्रक्रिया है, न कि किसी एक विशेष भोजन को खाने का परिणाम। 

किडनी स्टोन का Size और स्थान 

जब हमें स्टोन हो जाती है तो एक स्टोन हमारी किडनी के भीतर रह सकती है या मूत्रवाहिनी में चली जा सकती है। वह नली जो किडनी से मूत्राशय तक यूरिन ले जाती है। कुछ छोटी stones मूत्र मार्ग से निकल जाती है, जबकि कुछ फंस जाती है और मूत्र के प्रवाह में बाधा डालती है। आकार उपचार संबंधी निर्णयों को प्रभावित करता है, लेकिन एक एकमात्र विचार नहीं है। स्टोन का स्थान, क्या अवरोध पैदा कर रही है और क्या संक्रमण मौजूद है। 

इसी कारण, केवल scan में दिखाई गई माप के आधार पर किडनी की स्टोन का उपचार तय नहीं किया जा सकता है। कोई भी स्वस्थ्यकर्मी निगरानी, दवा या प्रक्रिया की सिफारिश करने से पहले पूरी स्थिति का आकलन करता है। इस अंतर को समझना मौजूदा स्टोन के उपचार को भविष्य में स्टोन बनने से रोकने के लिए किए जाने वाले आहार संबंधी कदमो से अलग करने में भी मदद करता है। 

क्या किडनी स्टोन वाले सभी लोगों के लिए एक ही आहार आवश्यक है? 

ऐसा कोई सार्वभौमिक किडनी stone आहार नहीं है जो सभी व्यक्तियों पर लागू हो। एक प्रभावी भोजन योजना पथरी की संरचना, मूत्र परीक्षण के परिणाम, चिकित्सीय इतिहास और पोषण संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार तैयार की जाती है। Same type की पथरी वाले व्यक्तियों को भी अलग-अलग आहार संबंधी संशोधनों की आवश्यकता हो सकती है। किसी खाद्य सूची का पालन करने से पहले, अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि आपकी Stone का प्रकार पहचाना गया है या नहीं। यदि पथरी निकल जाती है या surgery द्वारा हटा दी जाती है। 

पथरी के प्रकार के अनुसार आहार संबंधी सलाह कैसे भिन्न होती है

कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी: सबसे सामान्य प्रकार। आहार संबंधी सिफारिशों में सोडियम का सेवन कम करना, खाद्य स्रोतों से पर्याप्त कैल्शियम सुनिश्चित करना, और आवश्यकता अनुसार कुछ उच्च-ऑक्सालेट खाद्य पदार्थों को सीमित करना शामिल हो सकता है। कैल्शियम-समृद्ध खाद्य पदार्थों को पूरी तरह से हटाना सामान्यतः उचित नहीं माना जाता।

Calcium Phosphate Stones

इन पथरियों में भी कैल्शियम होता है, लेकिन इनके लिए एक अलग मूल्यांकन आवश्यक होता है। मूत्र की रसायन-रचना, जिसमें उसकी अम्लता भी शामिल है, रोकथाम की रणनीतियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सिफारिशों में चिकित्सीय प्रबंधन के साथ-साथ सोडियम और प्रोटीन के सेवन पर जोर दिया जा सकता है। यूरिक 

Uric acid Stones

ये अम्लीय मूत्र से संबंधित होती हैं। आहार योजना में कुछ विशिष्ट पशु-प्रोटीनों को सीमित करना और उपयुक्त पौध-आधारित खाद्य पदार्थों को बढ़ाना शामिल हो सकता है। कुछ व्यक्तियों को मूत्र की अम्लता बदलने के लिए दवा की भी आवश्यकता हो सकती है। 

Cystine Stones

यह आनुवंशिक विकार सिस्टिन्यूरिया से जुड़ी होती है। रोकथाम में आमतौर पर व्यापक खाद्य-प्रतिबंध सूची के बजाय अत्यंत सावधानीपूर्वक नियोजित तरल सेवन और विशेष देखभाल शामिल होती है। आपकी आहार योजना को और क्या चीज़ व्यक्तिगत बनाती है? आपकी पथरी का प्रकार केवल एक पहलू है।

अन्य स्वास्थ्य स्थितियाँ

किडनी रोग, मधुमेह या हृदय रोग जैसी स्थितियाँ आहार और तरल पदार्थ संबंधी सिफारिशों को प्रभावित कर सकती हैं। 

  • दवाएँ और पूरक: कुछ उत्पाद पथरी बनने के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। 
  • आपकी सामान्य खान-पान की आदतें: समायोजन आपके नियमित आहार के अनुरूप होने चाहिए और उन्हें बनाए रखना व्यावहारिक होना चाहिए। 

लक्ष्य संतुलित आहार सुनिश्चित करते हुए लक्षित परिवर्तन लागू करना है। निषिद्ध खाद्य पदार्थों की एक विस्तृत सूची पोषक विकल्पों को समाप्त कर सकती है, बिना पथरी बनने के मूल कारणों को संबोधित किए।

किडनी की पथरी को रोकने में मदद के लिए कितना पानी पीना चाहिए? 

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने से यूरिन पतला होता है, जिससे स्टोन बनाने वाले पदार्थो के एकत्रित होकर क्रिस्टल बनने की संभावना कम हो जाती है। हालाँकि सही मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि पसीने के माध्यम से आप कितना तरल खोते है, आपकी शारीरिक गतिविधि का स्तर क्या है, स्वास्थ्य कैसा है, जलवायु कैसी है। 

किडनी की पथरी के इतिहास वाले कई वयस्कों के लिए, स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर प्रतिदिन लगभग 2 से 2.5 liter मूत्र बनने के लिए पर्याप्त पानी पीने की सलाह देते है। यह मूत्र उत्पादन का लक्ष्य है, न कि पानी पीने की कोई निश्चित मात्रा। पसीने और शरीर की अन्य सामान्य प्रक्रियाओं के कारण खोये हुए पानी की भरपाई के लिए आपको इससे अधिक तरल की आवश्यकता हो सकती है। एक साथ बहुत अधिक मात्रा में पीना नियमित जलयोजन का विकल्प नहीं है। 

अपने daily routine में तरल सेवन को शामिल करें 

  • भोजन के साथ और भोजन के बाद बहुत सारा पानी पिए। 
  • काम पर यात्रा के दौरान अपने पास बोतल रखे। 
  • व्यायाम या बाहरी काम के समय busy समय में पानी या तरल सेवन करते रहे। 

 यदि आप regular रूप से पानी पीना भूल जाते है, तो timer का उपयोग करें। पानी हमारी एक पहली पसंद है। मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स और मीठे जूस आपके जलयोजन का मुख्य स्रोत नहीं बनने चाहिए। light yellow urine एक उपयोगी दैनिक मार्गदर्शक हो सकता है, हालाँकि केवल रंग से यह पुष्टि नहीं की जा सकती है कि आपने अपने निर्धारित मूत्र-उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। विटामिन और दवाएं भी इसके स्वरूप को प्रभावित कर सकती है। 

आपको अपने आप पानी की मात्रा कब नहीं बढ़ानी चाहिए?

यदि आपको heart disease, किडनी खराब हो या तरल पदार्थ सीमित करने के निर्देश दिए गए है, तो अपनी मात्रा बढ़ाने से पहले अपने Doctor से consult करे। साथ ही, अधिक पानी पीना एक रोकधाम उपाय है, न कि मौजूदा स्टोन को निकलने का कोई सही तरीका। यदि आप पेशाब नहीं कर पा रहे है, आपको तेज दर्द है, या लगातार उल्टी हो रही है, तो स्वयं को बड़ी मात्रा में पानी पीने के लिए मजबूर करने के बजाय चिकित्सीय सहायता लें। 

किडनी की स्टोन में हमें नमक कितना कम करना चाहिए? 

स्टोन की रोकथाम में नमक पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है। अधिक सोडियम लेने से पेशाब में कैल्शियम का स्रावित होने की मात्रा बढ़ सकती है। इससे कैल्शियम वाली स्टोन बनने की संभावना बढ़ सकती है। कुछ लोग खाने में बहुत कम नमक डालते है, फिर भी उनका सोडियम intake अधिक हो सकता है। इसकी वजह से पैकेट वाली नमकीन, अचार, पापड, souces, instant noodles और बहार का oily खाना भी हो सकता है। 

रोज के खाने में नमक कैसे कम करे? 

खाने में ऊपर से नमक डालने की कुछ लोगो को आदत रहती है , यह बिलकुल बंद कर दें। बाजार से सामन खरीदते समय nutrition label पर sodium की मात्रा और सर्विंग साइज देखें। कई व्यस्क stone patients के लिए रोज कुल सोडियम लगभग 2300 Mg से कम रखने की सलाह दी जाती है। 

यह लगभग 6 ग्राम साधारण नमक के बराबर है। इसमें खाना पकाने वाला नमक और खाद्य पदार्थो में पहले से मौजूद सोडियम दोनों शामिल है। सेंधा नमक, काला नमक या pink salt इस्तेमाल करने से sodium की समस्या अपने-आप खत्म नहीं होती। स्वाद के लिए उपयुक्त मसाले, जड़ी-बूटियाँ और नींबू इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैल्शियम पथरी में दूध-दही छोड़ देना चाहिए? 

पथरी कैल्शियम की है, इसलिए कैल्शियम खाना बंद कर दे। यह एक साधारण सी ग़लतफ़हमी है। विशेष रूप से कैल्शियम ऑक्सोलेट पथरी में भोजन से बहुत कम कैल्शियम लेना नुकसानदायक हो सकता है। भोजन का कैल्शियम आंत में ऑक्सोलेट से जुड़ सकता है। इससे ऑक्सोलेट का अवशोषण कम होता है और पेशाब तक पहुंचने वाली उसकी मात्रा घाट सकती है। इसलिए दूध-दही पूरी तरह बंद करना हर किसी को उचित नहीं रहता है। 

भोजन और Supplement के कैल्शियम में क्या फ़र्क़ है?

दूध, दही और उपयुक्त कैल्शियम-फोर्टीफ़िएड foods भोजन के माध्यम से कैल्शियम दे सकते है। कई व्यस्को को रोज लगभग 1000-1200 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है, लेकिन उम्र और स्वस्थ्य के अनुसार मात्रा बदलती है। कैल्शियम supplement लेने का निर्णय अलग है। उसकी जरूरत, मात्रा और भोजन के साथ लेने का समय डॉक्टर से समझना चाहिए। पहले से prescribed supplement अपने आप बंद न करें। 

पालक, चुकंदर और मेवे किन चीज़ो की मात्रा बदलनी पड़ सकती है?

कुछ खाद्य पदार्थो में ऑक्सोलेट अधिक होता है। कैल्शियम ऑक्सोलेट स्टोन और यूरिन में सर्वाधिक ऑक्सोलेट मिलने पर सेवन में changes की जरूरत हो सकती है। पालक, चुकंदर, बादाम और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ इसमें योगदान दे सकते है। लेकिन इसका मतलब सभी हरी सब्जियां, फल या मेवे हमेशा के लिए बंद कर देना नहीं है। 

मात्रा और खाने की आदत क्यों matter करती है?

कभी-कभार छोटी मात्रा में कोई चीज़ खाना और रोज उसका concentrated juice पीना अलग परिस्थितियां है। उदाहरण के लिए, एक smoothie में बड़ी मात्रा में पालक, चुकंदर और बादाम मिलाने से कई high-oxalate ingredients  एक साथ आ सकते है। 

डॉक्टर या dietitian आपकी नियमित डाइट देखकर decide कर सकते है कि किन स्रोतों को कम करना अधिक उपयोगी होगा। बहुत सख्त low-oxalate diet बिना जरूरत अपनाने से पौष्टिक भोजन के विकल्प सीमित हो सकते है। Online उपलब्ध अलग-अलग oxalate lists देखकर परेशान होने के बजाय अपनी सामान्य serving और खाने की frequency बताएं। भोजन में उपयुक्त कैल्शियम बनाए रखना भी इस योजना का हिस्सा हो सकता है।

क्या टमाटर के बीज और सभी दाले बंद करना जरूरी है? 

स्टोन होने पर सबसे पहले हमें टमाटर बंद करने की सलाह दी जाती है। लेकिन यह जानना भी जरूरी है की टमाटर के बीज सीधे किडनी में जाकर स्टोन नहीं बना लेते है। भोजन पाचन तंत्र से गुजरता है। स्टोन बनने का संबंध पेशाब में मौजूद पदार्थो और उनके संतुलन से होता है। इसी तरह, हर प्रकार की स्टोन में सभी दाले बंद करने की सलाह देना उचित नहीं है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व बने रहने चाहिए। 

प्रोटीन और मांसाहारी भोजन की मात्रा कैसे तय करे?

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए आवश्यक है। स्टोन होने पर इसे पूरी तरह हटाना सही नहीं है। हालांकि आवश्यकता से बहुत ज्यादा animal प्रोटीन कुछ प्रकार की  खतरा बढ़ सकता है। यूरिक एसिड स्टोन में लाल मांस, organ meats और कुछ sea food की मात्रा पर अहम् ध्यान दिया जा सकता है। 

यूरिक एसिड पथरी में लाल मांस, organ meats और कुछ seafood की मात्रा पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। केवल एक भोजन छोड़ने के बजाय पूरे दिन की protein intake देखना उपयोगी है। 

High-protein Diet लेने वालो को क्या बताना चाहिए? 

यदि आप कोई सा प्रोटीन पाउडर लेते है या Gym जाते है, या वजन घटाने के लिए बहुत अधिक मांस और अंडो वाली diet अपना रहे है तो यह जानकारी डॉक्टर को देना जरूरी होगा। अपनी आवश्यकता के अनुसार कुछ animal protein की जगह दाले और दूसरे उपयुक्त plant proteins शामिल किए जा सकते है। लेकिन सभी लोगो के लिए एक जैसे मात्रा तय नहीं होती है। उम्र, शरीर का आकर, गतिविधि और अन्य बीमारियां भी ध्यान में रखी जाती है। 

खानपान में बदलाव के साथ यदि आप किसी आयुर्वेदिक उत्पाद पर विचार कर रहे हैं, तो अपनी रिपोर्ट और चल रही दवाओं के आधार पर सलाह लें। Lebrostone Ayurvedic Capsules के बारे में भी डॉक्टर से चर्चा कर सकते हैं। इस्तेमाल से पहले इसके ingredients, सावधानियाँ और आपकी स्थिति में इसकी उपयुक्तता समझें। कोई भी अतिरिक्त उत्पाद शुरू करते समय निर्धारित उपचार और follow-up जारी रखें।

नींबू पानी, बीयर और supplements से जुडी सच्चाई 

स्टोन के लिए कई घरेलु उपाय बताए जाते है। किसी पेय से पेशाब बढ़ना या थोड़ी राहत महसूस होना यह साबित नहीं करता कि उसने स्टोन घोल दी है। नींबू पानी, पसंद हो और आपके लिए उपयुक्त हो, तो fluid routine का हिस्सा बन सकता है। लेकिन इसे किसी भी प्रकार की स्टोन का उपचार मनना उचित नहीं है। अधिक चीनी या नमक मिलाकर पीने से दूसरी dietary समस्याए जुड़ सकती है। 

क्या बीयर पथरी निकालने का तरीका है? 

बीयर को स्टोन निकलने की दवा की तरह इस्तेमाल न करें विशेष रूप से यूरिक एसिड स्टोन में alcohol, खासकर beer, सीमित करने की सलाह मिल सकती है।  इसी तरह kidney cleanse और stone removal के नाम से बिकने वाले उत्पाद अपने-आप शुरू न करें। डॉक्टर को सभी हर्बल products और supplements की सूची दिखाएं। 

High-dose Vitamin C और कुछ mineral supplements stone risk को प्रभावित कर सकते हैं। सामान्य मात्रा में फल खाने और बहुत अधिक मात्रा का supplement लेने को एक जैसा न समझें। Prescribed treatment में बदलाव सलाह लेकर करें।

रोज की थाली को संतुलित कैसे रखें?

खाने की योजना में इतने rules न जोड़ें कि उसे निभाना मुश्किल हो जाए। सामान्य घर के भोजन को जरूरत के अनुसार बदलना अधिक व्यावहारिक है। 

समयभोजन का सामान्य उदाहरण
सुबहकम नमक वाला पोहा, दलिया या उपयुक्त नाश्ता
दोपहररोटी या चावल, तय मात्रा में दाल और सब्जी
बीच का समयउपयुक्त मौसमी फल या हल्का नाश्ता
रातअनाज, सब्जी और जरूरत के अनुसार प्रोटीन का स्रोत

Food Diary कैसे मदद करेगी?

तीन दिन तक लिखें कि आपने क्या खाया है और क्या पिया है। मात्रा का सामान्य अनुमान भी जोड़े। चाय sauces, snacks, restaurant और supplements लिखना न भुलें। 

इससे पता चल सकता है कि sodium कहाँ से अधिक मिल रहा है और भोजन में कितनी variety है और कौन-सा बदलाव आसानी से किया जा सकता है। डायबिटीज, food allergy या किडनी की दूसरी बीमारी होने पर meal plan बदल सकता है। ऐसी स्थिति में dietitian से अपनी जरूरतों के अनुसार विकल्प तय कराएं।

बार-बार स्टोन होने पर कौन-सी जांच जरूरी है ?

दर्द ख़त्म हो जाना हमेशा यह प्रमाण नहीं कि पथरी निकल गई है या आगे का जोखिम समाप्त हो गया है। डॉक्टर स्थिति के अनुसार follow-up imaging और laboratory tests चुन सकते है। निकली हुई स्टोन का analysis उसकी composition बताने में मदद करता है। कुछ मरीजों में 24 hour urine collection से पेशाब की मात्रा और कैल्शियम, oxalate, citrate तथा दूसरे पदार्थो का आकलन किया जाता है। 

इन रिपोर्टों से क्या बदल सकता है?

रिपोर्ट के आधार पर diet की प्राथमिकता बदल सकती है। किसी व्यक्ति में sodium घटाना अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि दूसरे में urine chemistry के अनुसार दवा की जरूरत पड़ सकती है।

मुलाकात में पूछें:

  • क्या मेरा stone type स्पष्ट है?
  • क्या 24-hour urine test मेरे लिए जरूरी है?
  • उपचार का असर किस जाँच से देखा जाएगा?
  • अगली imaging कब करानी चाहिए?

इन सवालों से देखभाल केवल खाने की सूची तक सीमित नहीं रहती। एक स्पष्ट follow-up plan बनता है।

Conclusion

किडनी की पथरी में उपयोगी परहेज वही है जिसका स्पष्ट कारण हो। अपनी रिपोर्ट के आधार पर बदलाव चुनें और बाकी भोजन को संतुलित रखें। अगला कदम आसान रखें: रोज की खाने-पीने की आदतें लिखें, supplements की सूची बनाएं और डॉक्टर से व्यक्तिगत diet तथा follow-up plan समझें। इससे अनावश्यक पाबंदियों के बिना नियमित देखभाल करना आसान होगा।

Disclaimer

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। व्यक्तिगत भोजन योजना, supplements और उपचार के लिए योग्य डॉक्टर या dietitian की सलाह लें।

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