Irregular Periods क्यों होते हैं? जानें कारण

Irregular Periods

Abstract

हर महीने की तारीख का इंतजार। लेकिन जबाब नहीं।

23 साल की मुस्कान ने सुबह उठती है और calendar खोलती है। उसने देखा की पीछले महीने की तारीख क्या थी और कुछ देर बाद हिसाब लगाने लगी। वह सोचती है की पिछली बार तो जल्दी आगये थे… इस बार अभी तक क्यों नहीं आए?

कॉलेज जाने की तैयारी करते हुए भी यही सवाल उसके मन में घूम रहा था।

  • मुस्कान ने, माँ से पूछा तो जबाब में आया कि- खाना समय पर खाया करो।
  • दोस्त ने कहा- शायद तनाव की वजह से होगा।

मुस्कान ने Internet पर search किया तो उसके सामने pregnancy, PCOS, Thyroid और तरह-तरह के घरेलु नुस्खे आने लगे। उसको तरह-तरह के information बढ़ रही थी, लेकिन उसकी परेशानी कम नहीं हो रही थी।

  • क्या periods का कुछ दिन आगे-पीछे होना normal है ?
  • कितनी देरी पर ध्यान देना चाहिए ?
  • क्या हर Irregular Period के पीछे कोई बीमारी होती है?

मुस्कान की कहानी के माध्यम से हम Irregular Period से जुड़े इन्हीं सवालों को समझेंगे- बिना डर बढ़ाए और बिना किसी एक लक्षण से बीमारी तय किए।

क्या हर महीने एक ही तारीख पर पीरियड आना जरूरी है ?

क्या हर महीने एक ही तारीख पर पीरियड आना जरूरी है

मुस्कान को लगता था कि पिछले महीने पीरियड 10 तारीख को आया था, तो अगले महीने भी उसी तारीख को आना चाहिए। तारीख बदलते ही वह उसे पीरियड्स में देरी समझ लेती थी। लेकिन period circulation को समझने का तारीख थोड़ा अलग है। Menstrual Cycle की गिनती एक पीरियड के पहले दिन से अगले दिन तक होती है। केवल calendar की तारीख देखते हुए चक्र नियमित या अनियमित तय नहीं किया जाता है।

उदाहरण के लिए, अगर पीरियड 1 सितंबर को शुरू हुआ और अगला 29 सितंबर को आया तो चक्र 28 दिनों का हुआ। इसका मतलब यह भी है कि कभी भी एक calendar महीने में दो बार पीरियड शुरू होना केवल तारीखों की वजह से संभव है। अमेरिका के office on women’s health के अनुसार, Adults में सामान्य period चक्र अक्सर 24 से 38 दिनों के बीच होता है। हर व्यक्ति का चक्र ठीक 28 दिन का होना जरूरी नहीं है। उम्र और जीवन के चरण के अनुसार भी अंतर हो सकता है। मुस्कान ने पहली बार केवल “किस तारीख को आया” देखने के बाजय “दो पीरियड्स के बीच कितने दिन थे” लिखना शुरू किया।

अनियमित पीरियड्स का मतलब क्या है?

पिछली तारीख देखने पर मुस्कान को एक नयी बात समझ आई। उसकी परेशानी केवल तारीख को बदलना नहीं थी। कभी अंतर थोड़ा होता था, तो कभी कई सप्ताह ज्यादा wait करना पड़ता था।

Irregular Period में चक्र का अंतर सामान्य से छोटा, लंबा या बार-बार काफी बदलता हुआ हो सकता है। लेकिन किसी एक महीने के बदलाव से अपने आप किसी बीमारी की पुष्टि नहीं होती।

पीरियड्स की तीन बातो को अलग-अलग समझना उपयोगी है:

किस बात में बदलाव है?क्या नोट करें?
आने के समय मेंदो पीरियड्स के बीच कितने दिन हैं?
Bleeding मेंकितने दिन चलता है और कितना अधिक है?
दर्द मेंकितना तेज है और क्या काम रोक देता है?

किसी के पीरियड समय पर आ सकते है, लेकिन Bleeding बहुत अधिक हो सकता है। दूसरी व्यक्ति को कम bleeding के साथ लंबे अंतर पर पीरियड आ सकते है। इसलिए डॉक्टर से केवल “मेरे पीरियड खराब है” कहने के बजाय बदलाव स्पष्ट बताना मददगार है।

मुस्कान ने अपनी नोटबुक में लिखा:

“पिछले कुछ महीनों में अंतर बदल रहा है। मुझे तारीखों के साथ यह भी बताना है कि रक्तस्राव और दर्द में कोई बदलाव हुआ या नहीं।” diary या App Record रखना अपने चक्र का पैटर्न समझने में उपयोगी हो सकता है।

मुस्कान को अब समझ आया कि पीरियड देर से आना और पीरियड में तेज दर्द होना अलग-अलग बातें हैं। तारीखों के साथ दर्द को समझना भी जरूरी है। अगर आपका सवाल है कि कितनी ऐंठन सामान्य है और कब जाँच करानी चाहिए, तो हमारा Period stomach pain कब सामान्य नहीं होता? वाला article पढ़ें।

पीरियड्स अनियमित क्यों होते है?

पीरियड्स अनियमित क्यों होते ह

मुस्कान को जहा भी नई जानकारी मिलती वही अपने ऊपर लागू करने लगी थी। stress के बारे में पढ़ती है तो उसको लगता की stess ही वजह है। thyroid का नाम देखती तो दूसरी चिंता शुरू हो जाती है। लेकिन एक जैसे बदलाव के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते है। पीरियड देर से आने या छूटने के संभावित कारणों में शामिल है:

  • प्रेगनेंसी
  • तनाव
  • अचानक वजन कम होना या वजन में जरूरी बदलाव
  • आवश्यकता से ज्यादा व्यायाम
  • कुछ हार्मोनल गर्भनिरोधक तरीके
  • स्तनपान
  • PCOS जैसे हॉर्मोन संबंधी स्थिति

मेनोपोज़ से पहले का समय, जिसे परमेनोपोज कहते है। थायरॉइड की समस्या भी पीरियड्स चक्र को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बार-बार बदलाव होने पर केवल stress या खाने को जिम्मेदार मान लेना पर्याप्त नहीं है। उम्र भी मायने रखती है। पीरियड्स शुरू होने के शुरुआती वर्षों और मेनोपॉज के करीब चक्र बदल सकता है। फिर भी हर बदलाव को उम्र का हिस्सा मानकर छोड़ना सही नहीं होता। मुस्कान के लिए यहाँ एक जरूरी सीख थी- परेशानी का कारण समझना है, खुद को दोष देना नहीं है। “मुझसे क्या गलती हुई?” के बजाय बेहतर सवाल था, “मेरे शरीर और दिनचर्या में क्या बदला है, और क्या उसकी जाँच की जरूरत है?”

क्या तनाव और काम खाना भी पीरियड्स पर असर डाल सकते है?

मुस्कान को याद आया कि पिछले कुछ सप्ताह से वह काम के कारण ठीक से खाना नहीं खा पा रही थी। उसने सोचा, “तो क्या बस यही वजह है?” यह संभावना डॉक्टर को बताना उपयोगी था, लेकिन इससे कारण तय नहीं हो गया था। बहुत काम ऊर्जा वाला भोजन, वजन में कमी, अत्यधिक व्यायाम और मानसिक तनाव कुछ लोगो में पीरियड को नियंत्रित करने वाली हॉर्मोन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते है। पीरियड रुकने की जांच में डॉक्टर इन बातो के बारे में भी पूछते है।

अपने अनुभव को समझाने के लिए आप सोच सकती है:

  • क्या हाल में आपने खाना काफी कम कर दिया है?
  • क्या आपका वजन तेजी से बदला है?
  • क्या आपने व्यायाम बढ़ाया है, लेकिन उसके अनुसार भोजन और आराम नहीं मिल रहा?
  • क्या कोई बड़ी चिंता या जीवन में बदलाव चल रहा है?

इन सवालों का उद्देश्य यह मान लेना नहीं है कि आपकी दिनचर्या ही पूरी समस्या है। उद्देश्य डॉक्टर को पूरी तस्वीर देना है। मुस्कान ने तय किया कि वह अपनी तारीखों के साथ भोजन और व्यायाम में हुए बदलाव भी बताएगी। उसे हर आदत को “अच्छी” या “बुरी” साबित नहीं करना था।

पीरियड देर से आए तो Pregnancy test कब करें?

मुस्कान को internet पर बार-बार यही पढ़ने को मिल रहा था- पीरियड देर से आए तो प्रेग्नेंसी हो सकती है। इसको समझना बहुत जरूरी है। हर late period का अर्थ प्रेग्नेंसी की संभावना हो, तो उसे केवल तनाव मानकर छोड़ना भी ठीक नहीं है। NHS के अनुसार अधिकांश होम प्रेग्नेंसी टेस्ट पीरियड छूटने के पहले दिन से किए जा सकते है। अगर अगला पीरियड कब आना था, यह पता नहीं है, तो आखिरी असुरक्षित यौन संबंध के कम-से-कम 21 दिन बाद टेस्ट करें।

टेस्ट किट के निर्देशों का पालन करें। यदि Result Negativeआए, लेकिन प्रेग्नेंसी का शक बना रहे, तो कुछ दिन बाद दोबारा टेस्ट किया जा सकता है। दूसरा टेस्ट भी नेगेटिव हो और पीरियड न आए, तो डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर को प्रेग्नेंसी की संभावना के बारे में बताना चिकित्सा देखभाल का हिस्सा है। यह शर्मिंदा होने या दोष महसूस करने की बात नहीं है। साथ ही, पीरियड छूटने के बाद असामान्य bleeding और Stomach pain, तो जल्द चिकित्सा सलाह लें। केवल टेस्ट दोहराने के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए।

क्या अनियमित पीरियड्स का मतलब PCOS होता है?

क्या irregular periods का मतलब PCOS होता ह

मुस्कान की एक दोस्त को PCOS था। इसलिए जब उसके अपने irregular period हुए, तो उसे लगा कि शायद उसे भी वही स्थिति है। लेकिन केवल irregular period से PCOS का निदान नहीं किया जाता। PCOS एक Hormone और metabolism से जुडी स्थिति है। कुछ लोगो में इसके साथ अनियमित या कम आने वाले पीरियड्स, चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल, मुहांसे या सिर के बाल पतले होने जैसे changes हो सकते है। सभी में एक जैसे लक्षण नहीं होते। डॉक्टर लक्षण, medical history और जरूरत के अनुसार जांच की जानकारी को साथ देखकर निर्णय लेते है। दूसरी संभावित वजहें भी देखनी पड़ सकती है।

केवल ultrasound में दिखने वाले बदलाव और पूरी स्थिति का निदान एक ही बात नहीं हैं। मुस्कान को अब यह समझ आया कि internet पर किसी बीमारी के लक्षण अपने जैसे लगना, उसकी पुष्टि नहीं है। वह डॉक्टर से यह पूछ सकती थी: “क्या मेरे चक्र के बदलाव के साथ ऐसी दूसरी बातें भी हैं जिनकी जाँच होनी चाहिए?” यह सवाल स्वयं को PCOS का patient मान लेने से ज्यादा उपयोगी था।

Adults में अनियमित पीरियड्स: कब ध्यान देंना चाहिए?

मुस्कान ने अपनी परेशानी बताते हुए छोटी बहन का भी जिक्र किया। उसके पीरियड्स कुछ समय पहले ही शुरू हुए थे और तारीखें तय नहीं थी। घर में कहा जाता था, “अभी छोटी है, बाद में ठीक हो जाएगा।” पीरियड्स शुरू होने के शुरूआती वर्षो में अनियमितता हो सकती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि किसी भी लंबे अंतर या ज्यादा bleeding को सामान्य मान लिया जाए।

ACOG के अनुसार, अधिकतर adults का चक्र 21 से 45 दिनों के बीच होता है। दो पीरियड्स के बीच 90 दिन से ज्यादा अंतर, भले एक बार ही हो, तो चिकित्सा मूल्यांकन की जरूरत होती है। यह किशोरियों के सन्दर्भ में है। adults के pattern की व्याख्या अलग हो सकती है। यदि 15 साल की उम्र तक पहला period शुरू नहीं हुआ हो, तो भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। परिवार का जवाब मदद लेने के फैसले को आसान या मुश्किल बना सकता है।

“तुम ठीक से खाती ही नहीं हो” कहने के बजाय पूछें:

  • “पिछली बार कब आया था?
  • कोई दर्द या कमजोरी भी है?

चाहो तो हम डॉक्टर से बात कर सकते हैं।” किशोरी को अपनी बात खुद बताने का मौका दें। उसके शरीर के बारे में चर्चा सम्मान और निजीपन के साथ होनी चाहिए।

डॉक्टर से कब मिलना जरूरी पड़ सकता है ?

मुस्कान डॉक्टर के पास जाना चाहती थी लेकिन उसे डर था कि शायद उसकी परेशानी इतनी बड़ी न हो। सलाह लेने के लिए तकलीफ का असहनीय होना जरूरी। डॉक्टर से समय लेकर बात करें यदि पहले का pattern बदल गया है, बार-बार अनियमितता हो रही है या लगातार तीन पीरियड्स छूट गए है। साथ में वजन बदलना, थकान, चेहरे पर बाल बढ़ना या त्वचा में बदलाव हो, तो उनका भी जिक्र करें। तीन पीरियड्स छूटने की बात का अर्थ यह नहीं की प्रेग्नेंसी की संभावना या दूसरे चिंताजनक लक्षणों में तब तक इंतजार करना है। bleeding के लिए भी अलग से ध्यान दें। हर एक-दो घंटे में पेड या टेम्पोंन बदलने की जरूरत, सात दिन से ज्यादा bleeding, कपड़ो या बिस्तर तक खून आना और daily रोज के काम effect होना जाँच कराने की वजह हो सकती है।

पीरियड्स के बीच या यौन संबंध के बाद Bleeding भी डॉक्टर को बताएँ। इन संकेतों में अगली तारीख का इंतजार न करें।

तुरंत चिकित्सा सहायता लें यदि पेट या पेल्विक दर्द के साथ:

  • दर्द अचानक बहुत तेज हो या तेजी से बढ़ रहा हो।
  • बेहोशी, चक्कर या गिरने जैसा महसूस हो।
  • साँस लेने में परेशानी हो।
  • बहुत अधिक योनि रक्तस्राव हो।
  • कंधे के सिरे में दर्द हो।
  • खासकर प्रेग्नेंसी की संभावना के साथ ऐसे लक्षणों को सामान्य पीरियड न मानें।

अपनी Notebook में सामान्य Appointment के सवालों से अलग इन चेतावनी संकेतों को लिख लिया।

डॉक्टर कौन-सी जांच कर सकते है?

Appointment से पहले मुस्कान को लग रहा था कि डॉक्टर के पास जाते ही उसे कई महंगे टेस्ट करने पड़ेगे। लेकिन मूल्यांकन की शुरुआत अक्सर आपकी बात सुनने से होती है।

डॉक्टर पूछ सकते है:

  • आखिरी पीरियड कब शुरू हुआ?
  • पहले चक्र कैसा था और बदलाव कब से है?
  • Bleeding कितने दिन रहता है?
  • pregnancy की संभावना है?
  • कोई गर्भनिरोधक, दवा या supplement इस्तेमाल कर रही है?
  • वजन, भोजन, व्यायाम या तनाव में बदलाव हुआ है?

पीरियड रुकने की जाँच में परिस्थिति के अनुसार प्रेग्नेंसी टेस्ट, थायरॉइड का TSH, प्रोलैक्टिन और कुछ अन्य हार्मोन टेस्ट शामिल हो सकते हैं। हर व्यक्ति को एक जैसा टेस्ट पैकेज नहीं चाहिए। लक्षण और उम्र के अनुसार डॉक्टर ultrasound  या दूसरी जाँच पर भी विचार कर सकते हैं। आप सवाल पूछ सकती हैं:

  • “इस टेस्ट से क्या जानकारी मिलेगी?”
  • “क्या इसे चक्र के किसी खास दिन कराना है?”
  • “रिपोर्ट के बाद अगला कदम क्या होगा?”

जाँच का उद्देश्य समझना आपकी देखभाल में भागीदारी का हिस्सा है।

Appointment से पहले Period Diary कैसे बनाएँ?

Appointment से पहले Period Diary कैसे बनाए

मुस्कान ने फोन के पुराने मैसेज देखकर तारीखें याद करने की कोशिश की। कुछ याद थीं, कुछ नहीं। उसे लगा कि record पूरा नहीं है, इसलिए शायद appointment टाल देना चाहिए। फिर उसने तय किया- जितना पता है, उतना लिखकर जाएगी। आप एक साधारण Notebook में यह record रख सकती हैं:

क्या लिखें?उदाहरण
पीरियड शुरू होने का दिन3 अक्टूबर
Bleeding कितने दिन रहा5 दिन
पिछले पीरियड से अंतरयाद हो तो दिनों में
Bleeding का अनुभवसामान्य से अधिक या कम
दर्द का असरकाम हुआ या छुट्टी लेनी पड़ी
बीच में Bleedingहुआ या नहीं
अन्य जानकारीनई दवा, गर्भनिरोधक या वजन में बदलाव

यह एक रिकॉर्ड रखने का उदाहरण है, किसी सामान्य चक्र की परिभाषा नहीं। App इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। यदि ऐप चुनें तो निजी स्वास्थ्य जानकारी और उसकी Privacy Settings पर ध्यान दें।

अनियमित मासिक धर्म का उपचार कैसे होता है?

मुस्कान के मन में सबसे सीधा सवाल यही था: “तो क्या मुझे हर महीने पीरियड लाने की दवा लेनी पड़ेगी?”

इसका जवाब हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता। उपचार कारण पर निर्भर करता है। कुछ स्थितियों में निगरानी या दिनचर्या से जुड़े बदलाव पर्याप्त हो सकते हैं, जबकि दूसरी स्थितियों में दवा या विशेष उपचार की जरूरत हो सकती है।

यदि PCOS की पुष्टि होती है, तो उपचार व्यक्ति के लक्षणों, स्वास्थ्य और प्रेग्नेंसी की योजना के अनुसार तय होता है। कुछ हार्मोनल उपचार चक्र संभालने में इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन उनका चुनाव Medical Advice से होता है। PCOS का कोई एक इलाज सभी लक्षण हमेशा के लिए खत्म करने की गारंटी नहीं देता; उपलब्ध उपचार लक्षणों और लंबे समय की सेहत की देखभाल में मदद कर सकते हैं।

मुस्कान ने डॉक्टर से पूछने के लिए 3 Question लिखे:

  • मेरे लिए उपचार का उद्देश्य क्या है?
  • इसका असर कब और कैसे देखा जाएगा?
  • किन बदलावों पर मुझे दोबारा संपर्क करना चाहिए?

किसी दोस्त की “पीरियड लाने वाली गोली” अपने आप लेना सही विकल्प नहीं है। पहले यह समझना जरूरी है कि देरी क्यों हो रही है और प्रेग्नेंसी की संभावना है या नहीं।

Conclusion

मुस्कान की कहानी का अंत किसी चमत्कारी दवा या अगले महीने सब ठीक हो जाने से नहीं हुआ। बदलाव यह था कि अब वह केवल कैलेंडर की तारीख देखकर नहीं घबराती थी। उसने चक्र गिनना सीखा, अपने अनुभव लिखे और जरूरत के अनुसार सलाह लेने का फैसला किया।

Irregular Periods हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं हैं, लेकिन बार-बार बदलते पैटर्न को समझना जरूरी है। प्रेग्नेंसी की संभावना हो तो सही समय पर टेस्ट करें। लंबे अंतर, असामान्य रक्तस्राव या नए लक्षणों में डॉक्टर से बात करें। अचानक तेज दर्द, बेहोशी या बहुत अधिक रक्तस्राव में तुरंत मदद लें। आपको अपने शरीर के हर बदलाव का जवाब खुद खोजने की जरूरत नहीं है। अपनी परेशानी स्पष्ट बताना और सवाल पूछना भी देखभाल की शुरुआत है।

Disclaimer

मुस्कान और उसके परिवार की कहानी काल्पनिक है। यह Article सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है; यह व्यक्तिगत निदान, जाँच या उपचार का विकल्प नहीं है। पीरियड लाने की दवा, हार्मोनल उपचार या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें। अचानक बहुत तेज पेट या पेल्विक दर्द, बेहोशी, साँस लेने में परेशानी या बहुत अधिक रक्तस्राव होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

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