हमें भूख लगने पर चिड़चिड़ापन क्यों होने लगता है? “Hangry” होने के पीछे क्या होता है?

Table of Contents

Abstract 

अभी तक आपने हमारे पिछले article में Gut Health Series के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया होगा। अब इस article के जरिये हम Gut health series के अगले भाग को समझेंगे। हम इस article में पढ़ेंगे की हमें अधिक देर तक खाना न खाने पर चिड़चिड़ापन क्यों महसूस होने लगता है। 

क्या आपने कभी महसूस किया है कि जिस दिन आपको खाना खाने में थोड़ी देर क्या हुई, आपको अंदर ही अंदर गुस्सा आने लगा। किसी की सामान्य बात पर आपको गुस्सा आने लगा। किसी भी काम में मन न लगे और ऐसा महसूस होने लगा हो कि पहले “मुझे कुछ खाने दो”, फिर बात करेगें। भूख लगने पर चिड़चिड़ापन होना- यह सिर्फ दोस्तों का खाना आने से पहले उनके साथ किया गया मजाक नहीं है। असल में यह रक्त में शर्करा की मात्रा में गिरावट से होता है। भूख और चिड़चिड़ापन के इस अनुभव को आम भाषा में “Hangry” कहा जाता है- यानी Hungry और Angry का combination कहा जाता है। 

लेकिन सवाल यह है कि, 

  1. आखिर भूख लगने से हमारा mood क्यों बदलने लगता है? 
  2. क्या इसका कारण सिर्फ पेट का खाली होना है? 
  3. क्या Blood Sugar कम होने पर ही हम चिड़चिड़े होते हैं? 
  4. इसमें Ghrelin जैसे hunger hormone की क्या भूमिका है? 

Introduction

सोचिए, सुबह से आपने कुछ भी ठीक से नहीं खाया। बहुत busy schedule होने के कारण आप पहले से pressure में है और अब दोपहर का खाना भी 1 घंटे देर से होने वाला है। वही किसी की छोटी सी बात पर गुस्सा आ गया, ध्यान काम से हट गया और मन में बस एक ही ख्याल आता है- “पहले कुछ खाने दो”

फिर जैसी ही खाना मिलता है और कुछ समय बाद पेट भरता है, वही mood धीरे-धीरे सामान्य  होने लगता है। क्या आपने कभी सोचा है कि एक sandwich, रोटी या एक कटोरी खाना आपके mood में इतना फ़र्क़ कैसे ला सकता है ? इसी अनुभव को आजकल Hangry कहा जाता है। यह शब्द Hungry और Angry से मिलकर बना है और उस स्थिति को describe करता है जब भूख के साथ व्यक्ति को चिड़चिड़ापन या गुस्सा महसूस होने लगता है। 

हमारा gut सिर्फ खाना पचाने वाली जगह नहीं है। पेट और intestine से मिलने वाले signals brain तक पहुंचते हैं और hunger तथा fullness को regulate करने में भूमिका निभाते हैं। Ghrelin जैसे hormones appetite को प्रभावित करते हैं, जबकि gut से निकलने वाले दूसरे signals यह बताने में मदद करते हैं कि शरीर को भोजन मिल चुका है। यानी भूख लगना सिर्फ पेट की sensation नहीं, बल्कि gut और brain के बीच होने वाली लगातार बातचीत का हिस्सा है।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। भूख के साथ mood में होने वाले बदलाव पर stress, sleep, eating pattern और आसपास की situation भी असर डाल सकती है। इसलिए दो लोग समान समय तक बिना खाए रहें, फिर भी एक व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकता है जबकि दूसरा बहुत चिड़चिड़ा हो सकता है।

Hangry (भूख) क्या होता है ? 

Why Do I Get Angry When Hungry

कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि पेट में तेज भूख लगी हो और उसी समय किसी की छोटी- सी बात भी आपको irritate करने लगे? अगर खाना मिलने के बाद वही चिड़चिड़ापन कम हो जाए, तो यह अनुभव Hangry कहलाता है।  यह शब्द Hungry और Angry को मिलकर बनाया गया है। हालांकि, Hangry कोई medical disease नहीं है।  यह एक ऐसी रोज की स्थिति को वर्णित करता है, जिसमे भूख के साथ irritability, गुस्सा या mood ने बदलाव महसूस हो सकता है। भूख लगना केवल पेट खाली होने की sensation नहीं है। जब शरीर को भोजन की जरूरत महसूस होती है, तो पेट और आंत से कई signals निकलते है, जो nervous system और brain तक पहुचंते है।  Hormones और brain circuits मिलकर hunger और food-seeking behavior को regulate करते है।  इसी दौराण स्याक्ति को थकान, बैचेनी, ध्यान लगाने में परेशानी या चिड़चिड़ापन भी महसूस हो सकता है।  

पेट खाली होने पर शरीर के अंदर क्या होता है?

भूख लगना सिर्फ पेट के खाली होने का एक अहसास मात्र नहीं है। जैसे-जैसे खाने के बाद का समय बढ़ता जाता है, शरीर में कई physiological signals सक्रिय होने लगते है। हमारा शरीर energy का इस्तेमाल लगातार करता रहता है, इसलिए उसे यह समझना जरूरी होता है कि अगला भोजन कब मिल सकता है। इसी काम में gut, hormones, nervous system और brain मिलकर भूमिका निभाते है। 

हमारा पेट खाली होने पर hunger signal कैसे देना शुरू करता है? 

जब भोजन पचकर आगे बढ़ जाता है और पेट खाली होने लगता है, तो शरीर में hunger-related signals बढ़ने लगते है। पेट से निकलने वाला Ghrelin इस processes का एक अहम् hormone है। इसे अक्सर “hunger hormone” कहा जाता है क्योकि यह appetite और food intake को बढ़ाने वाले संकेत में शामिल होता है।

भूख लगते ही शरीर में सबसे पहले क्या होता है?

जब हम कई घंटे तक खाना नहीं कहते, तो शरीर साधारण “खाना चाहिए” कहकर नहीं रुक जाता। शरीर लगातार अपनी energy needs को manage  रहता है। भोजन से मिलने वाला glucose शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण energy source है। Brain भी glucose का उपयोग करता है। जब भोजन का अंतर बढ़ता है तो शरीर hunger signals generate करता है ताकि हमें भोजन लेने की आवश्यकता महसूस हो। 

Hunger क्या है? 

Hunger शरीर की physiological जरूरत से जुडी feeling है। पेट खाली होना, energy की जरूरत और शरीर के internal signals इसमें भूमिका निभा सकते है। 

Appetite क्या है?

Appetite का संबंध खाने की इक्छा से है। यह केवल physical hunger पर निर्भर नहीं करती। किसी स्वादिष्ट food को देखकर, उसकी smell से या emotional situation में भी appetite बढ़ सकती है।

इसलिए अगर आप खाना खाकर कुछ समय बाद किसी dessert की तस्वीर देखकर उसे खाने का मन करने लगे, तो यह जरूरी नहीं कि आपको वास्तविक hunger लगी हो। लेकिन जब वास्तविक hunger बढ़ती है, तो शरीर और brain के बीच signals ज्यादा noticeable हो सकते हैं।

Ghrelin: भूख बढ़ाने वाला Hormone आखिर कैसे काम करता है? 

Ghrelin शरीर में कब बढ़ता है? 

यहाँ समझाएं कि meal से पहले/fasting के दौरान ghrelin का level बढ़ सकता है और खाने के बाद आमतौर पर कम होता है। इसे सिर्फ “भूख का hormone” कहकर ख़त्म न करें, बल्कि appetite regulation में इसकी भूमिका समझाएं। 

Ghrelin Brain तक क्या signal भेजता है? 

यहाँ बताए कि ghrelin के signals brain के appetite-regulating areas तक पहुंचते है और food intake/food-seeking behaviour को प्रभावित करते है। 

क्या Ghrelin ही हमें Hangry बनाता है? 

यह बहुत अच्छा myth-busting point होगा। साफ़ करें कि ghrelin hunger में महत्वपूर्ण है, लेकिन Hangry होने का अकेला कारण नहीं है। Mood पर hunger के साथ स्ट्रेस, sleep, context और emotional state भी प्रभाव डाल सकते है। 

क्या Blood Sugar कम होने से ही हम Hangry होते है? 

भूख लगने पर चिड़चिड़ापन महसूस होने की सबसे आम वजहों में से एक के रूप में अक्सर Blood Sugar कम होने की बात कही जाती है। लेकिन यहाँ एक जरूरी अंतर समझना चाहिए- हर बार भूख लगना या Hangry ,अहसूस करना hypoglycemia यानी बहुत कम blood glucose का संकेत नहीं होता। 

खाना न खाने पर Blood Sugar के साथ क्या होता है? 

हमारे शरीर को लगातार energy की जरूरत होती है और इसका मुख्य स्रोत भोजन से मिलने वाला glucose है। जब भी हम खाना खाते है, तो भोजन से मिलने वाले carbohydrates पचकर glucose में बदलते है और शरीर उसका use energy के लिए करता है।  

जब भोजन के बीच का अंतर बढ़ता है, तो शरीर blood glucose को सामान्य सीमा में बनाए रखने के लिए कोई regulatory mechanisms का इस्तेमाल करता है। Liver stored glycogen को glucose में बदलकर blood glucose को बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए meal gap के दौरान शरीर तुरंत “sugar ख़त्म” होने की स्थिति में नहीं पहुंच जाता। 

यही वजह है कि भूख लगना और low blood sugar एक ही चीज़ नहीं है।  

Low Blood sugar में चिड़चिड़ापन क्यों होने लगता है?

जब blood glucose वास्तव ने बहुत कम हो जाता है, तो brain और शरीर को पर्याप्त glucose उपलब्ध कराने के लिए शरीर counter-regulatory response शुरू करता है। ऐसे समय में भूख, कमजोरी, कंपकंपी, पसीना, चक्कर, तेज धड़कन और irritability जैसे लक्षण दिखाई दे सकते है। लेकिन clinically significant hypoglycemia सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में केवल इसलिए नहीं मान ली जाती कि उसे खाना खाने में कुछ घंटे की देरी हो गई।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति को कभी-कभार भूख लगने पर चिड़चिड़ापन महसूस होता है, तो उसे तुरंत “मेरी Blood Sugar Low है” मानना सही नहीं होगा। 

Hangry होने में Blood sugar की भूमिका क्या हो सकती? 

Blood glucose और energy availability hunger experience में भूमिका निभा सकते है, लेकिन Hangry feeling एक multi-factorial experience है। इसमें hunger signals, hormones, brain, stress, sleep और आसपास की परिस्थिति भी योगदान दे सकते है। 

यानी कहानी सिर्फ “sugar कम हुई-गुस्सा आया” जितनी सरल नहीं है। आगे समझते है कि इस पूरी प्रक्रिया में Ghrelin और Gut-Brain Connection किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। 

Hangry होने पर कौन-कौन से लक्षण दिखाई दे सकते?

Hangry होने पर हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगो को केवल भूख और हल्का चिड़चिड़ापन महसूस होता है, जबकि कुछ लोगो में थकान, सिरदर्द, बेचैनी या ध्यान लगाने में परेशानी भी हो सकती है। इसलिए इन लक्षणों को समझना जरूरी है, ताकि सामान्य hunger और किसी दूसरी समस्या के बीच अंतर किया जा सके। 

शरीर से जुड़े लक्षण 

जब काफी समय तक भोजन नहीं मिलता, तो शरीर hunger state में पहुंचने लगता है। इस दौरान सबसे सामान्य लक्षण तेज भूख लगना है। इसके साथ पेट में गुड़गुड़ाहट या खालीपन महसूस होना, कमजोरी, थकान और energy कम लगना भी हो सकता है। कुछ लोगो को हल्का सा चक्कर या सिरदर्द या शरीर में सुस्ती भी महसूस हो सकती है। हालांकि, ये लक्षण केवल भूख के कारण ही हों, यह जरूरी नहीं है। पानी की कमी, नींद पूरी न होना, stress या दूसरी health conditions भी इनके पीछे कारण हो सकती है। इसलिए केवल एक symptom के आधार पर तय नहीं किया जा सकता है कि व्यक्ति Hangry है। 

Mood और Behavior में बदलाव 

Hangry होने की सबसे noticeable बात अक्सर mood में बदलाव होती है। भूख बढ़ने के साथ व्यक्ति सामान्य से ज्यादा चिड़चिड़ा या impatient महसूस कर सकता है। छोटी-सी बात भी परेशान कर सकती है और किसी सामान्य situation पर reaction जरूरत से ज्यादा strong लग सकता है। 

इसके अलावा: 

  • बैचेनी महसूस होना 
  • ध्यान लगाने में परेशानी होना 
  • motivate कम होना 
  • जल्दी गुस्सा आना 
  • frustration बढ़ना 
  • दूसरों की बात पर ज्यादा प्रतिक्रिया देना 

जैसे बदलाव भी कुछ लोगों में देखे जा सकते हैं।

कब ये सामान्य Hunger से अलग हो सकता है ? 

यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर Hangry feeling को low blood sugar नहीं माना जाना चाहिए। सामान्य भूख और hypoglycemia यानी clinically low blood glucose विभिन्न स्थितियां है। 

यदि आपको भूख के साथ-साथ कंपकंपी, पसीना, तेज धड़कन, चक्कर, बहुत कमजोरी, धुंधला दिखाई देना या confusion जैसे लक्षण दिखाई दे, तो इन्हे केवल “मुझे भूख लगी है” कहकर ignore नहीं करना चाहिए। Low blood glucose में ऐसे symptoms हो सकते है। खासकर diabetes वाले व्यक्ति या blood glucose कम करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों में ऐसे symptoms को गंभीरता से लेना जरूरी है।

इसलिए Hangry की स्थिति को समझने का आसान तरीका यह है कि सिर्फ mood नहीं, बल्कि शरीर के बाकी signals को भी ध्यान से देखें। अगर खाना खाने के बाद सामान्य hunger-related symptoms जल्दी ठीक हो जाते हैं, तो यह एक बात है; लेकिन बार-बार गंभीर symptoms होना medical evaluation की जरूरत का संकेत हो सकता है।

Hangry होने से कैसे बचें? अपनाएं ये आसान उपाय

भूख लगना शरीर की एक सामान्य जरूरत है, इसलिए इसका मतलब यह नहीं कि हमें हर समय भूख को दबाना चाहिए। लेकिन अगर लंबे समय तक खाना न खाने पर आपको बार-बार चिड़चिड़ापन, कमजोरी या ध्यान लगाने में परेशानी होने लगती है, तो अपने खाने और दिनचर्या के pattern पर ध्यान देना मददगार हो सकता है। 

ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें 

अगर आपको पता है कि ज्यादा देर तक बिना खाए रहने पर आपका mood खराब होने लगता है, तो अपने दिन में नियमित और संतुलित meals रखें। बहुत ज्यादा देर तक खाना टालने से अचानक तेज भूख लग सकती है और इसके साथ irritability भी महसूस हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए खाने का एक ही fixed schedule जरूरी नहीं होता। अपनी भूख, दिनचर्या और energy needs के अनुसार meal timing रखें 

Meal में protein और fiber जरूर शामिल करें 

सिर्फ पेट भरना ही पर्याप्त नहीं है; meal में पोषक तत्वों का संतुलन भी जरूरी है। Protein और dietary fiber वाले foods ज्यादा देर तक fullness बनाए रखने में मदद कर सकते है। अपने भोजन में दाल, चना, राजमा, सब्जियां, साबुत आनाज, फल, nuts और seeds जैसे foods शामिल किए जा सकते है। 

जरूरत पड़ने पर Healthy Snack रखें 

यदि दो meals के बीच काफी समय का अंतर रहता है और आपको इस दौरान बहुत ज्यादा भूख महसूस होती है, तो अपने साथ nutritious snack रखना उपयोगी हो सकता है। फल roasted चना, nuts या दही जैसे विकल्प लिए जा सकते है। इसका उद्देश्य भूख को पूरी तरह दबाना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेहतर food उपलब्ध करें। 

नींद को नज़रअंदाज न करे 

भूख और mood पर केवल भोजन का असर नहीं होता। नींद की कमी भी appetite और emotional state को प्रभावित कर सकती है। इसलिए अगर आप लगातार कम सो रहे है और साथ में irregular meals भी लेते है, तो hunger और irritability को manage करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए Hangry से बचने की कोशिश में पर्याप्त और नियमित नींद को भी अपनी routine का हिस्सा बनाए।

Conclusion

भूख लगने पर चिड़चिड़ापन महसूस होना एक ऐसा अनुभव है, जिससे हममें से कई लोग कभी न कभी गुजरते हैं। कभी खाना खाने में थोड़ी-सी देरी होने पर गुस्सा आने लगता है, कभी किसी काम में मन नहीं लगता और कभी छोटी-सी बात भी बड़ी लगने लगती है। इसी अनुभव को आम भाषा में “Hangry” कहा जाता है, जो Hungry और Angry शब्दों से मिलकर बना है। लेकिन इसके पीछे केवल पेट का खाली होना ही नहीं, बल्कि शरीर और मस्तिष्क के बीच होने वाली कई जटिल प्रक्रियाएं भी काम करती हैं।

जब हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते, तो हमारा शरीर भूख से जुड़े संकेत देने लगता है। इस प्रक्रिया में Ghrelin जैसे hunger hormones, brain के appetite-regulating areas और Gut-Brain Connection महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, Blood Sugar में वास्तविक गिरावट होने पर भी भूख, कमजोरी, कंपकंपी और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, हर बार भूख लगने पर गुस्सा आना या irritability महसूस होना Low Blood Sugar यानी Hypoglycemia का संकेत नहीं होता। तनाव, नींद की कमी, अनियमित खानपान और हमारी भावनात्मक स्थिति भी इस अनुभव को प्रभावित कर सकती है।

Hangry होने से बचने के लिए

अपने शरीर के संकेतों को समझना और अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे लेकिन उपयोगी बदलाव करना जरूरी है। समय पर संतुलित भोजन करना, जरूरत के अनुसार पौष्टिक snacks लेना, खाने में Protein और Fiber शामिल करना तथा पर्याप्त नींद लेना भूख और उससे जुड़े mood changes को संभालने में मदद कर सकता है। साथ ही, अपनी भूख को अनदेखा करने के बजाय यह समझने की कोशिश करें कि आपके शरीर को कब और किस तरह के पोषण की जरूरत है।

अगर आपको बार-बार भूख के साथ बहुत ज्यादा कमजोरी, पसीना, कंपकंपी, चक्कर या भ्रम जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो इसे केवल सामान्य Hangry स्थिति मानकर नजरअंदाज न करें। विशेष रूप से Diabetes होने या Blood Sugar कम करने वाली दवाएं लेने की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

अंततः, भूख केवल शरीर की भोजन की जरूरत का संकेत नहीं है, बल्कि यह हमारे mood, व्यवहार और रोजमर्रा के अनुभवों को भी प्रभावित कर सकती है। अपने Gut Health, खानपान और शरीर के संकेतों के बीच संबंध को समझकर हम न केवल अपनी खाने की आदतों को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि अपने दिन को अधिक सहज और संतुलित भी रख सकते हैं।

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता और शैक्षणिक जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह, जांच, निदान अथवा उपचार का विकल्प नहीं है। भूख लगने पर चिड़चिड़ापन महसूस होने के कई संभावित कारण हो सकते हैं और हर व्यक्ति में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। बार-बार या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर स्वयं कोई निष्कर्ष निकालने या दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करें। यदि आपको Diabetes है या आप Blood Sugar को प्रभावित करने वाली दवाएं लेते हैं, तो Hypoglycemia से जुड़े लक्षणों को गंभीरता से लें और अपने चिकित्सक द्वारा बताई गई सलाह का पालन करें। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *